इसमें आपको Chemistry gk in hindi से जुड़े प्रश्नोत्तर मिलेंगे। यदि आप सरकारी या अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो ये लेख आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा क्योंकी इसमें आपको महत्वपूर्ण रसायन विज्ञान से सम्बन्धित प्रश्नोत्तर मिलेंगे। अगर आप साइंस के स्टूडेंट है तो निचे दिए गये सभी प्रश्नों को पूरा पढ़े क्योंकी इसमें आपको बहुत कुछ नया जानने को मिलेंगा।
परमाणु संरचना (Atomic Structure)
1. पदार्थ का 'परमाणु सिद्धांत' (Atomic Theory) किसने स्थापित किया था?
[A] एवोगाद्रो [B] डॉल्टन [C] न्यूटन [D] पास्कल
2. कैथोड के किरणों में क्या पाया जाता है?
[A] केवल द्रव्यमान (Mass) [B] केवल आवेश (Charge) [C] द्रव्यमान तथा आवेश दोनों [D] न तो द्रव्यमान और न ही आवेश
3. परमाणु संरचना (Atomic Structure) का मॉडल किसने विकसित किया था?
[A] एल्फ्रेड नोबेल [B] फैराडे [C] बोहर तथा रदरफोर्ड [D] वोल्टा
4. निम्मलिखित में से कौन किसी तत्व के रासायनिक गुण तय करता है?
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Organic Name reactions in Organic chemistry
ऐल्डॉल संघनन- यह अभिक्रिया उन एल्डिहाइड अथवा कीटोन द्वारा दी जाती है जिनमें अल्फा हाइड्रोजन होते हैं । ऐसे एल्डिहाइड अथवा कीटोन के दो अणु तनु क्षार dilute NaOH की उपस्थिति में संघनित होकर बीटा- हाइड्रोक्सी एल्डिहाइड अथवा कीटोन बनाते हैं जिसे ऐल्डॉल भी कहते हैं । Example 1– एसीटैल्डिहाइड में ऐल्डॉल संघनन होने पर 3- हाइड्रोक्सी ब्यूटेनल बनता है ।
क्रॉस ऐल्डॉल संघनन– जब दो भिन्न एल्डिहाइड अथवा कीटोन के अणुओं के मध्य ऐल्डॉल संघनन होता है तो उसे क्रॉस ऐल्डॉल संघनन कहते हैं । Example-2 एसीटैल्डिहाइड तथा फॉर्मेल्डिहाइड के मध्य ऐल्डॉल संघनन ।
बेयर विलिजर ऑक्सीकरण अभिक्रिया – जब कीटोन, परॉक्सी अम्ल जैसे C6H5COOOH के साथ अभिक्रिया करते हैं तो एस्टर बनाते हैं इस अभिक्रिया में परॉक्सी अम्ल से ऑक्सीजन, कार्बोनिल कार्बन तथा उससे जुड़े कार्बन के मध्य लग जाती है । इस अभिक्रिया को बेयर विलिजर ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते हैं ।
Baeyer villiger reaction
बेन्जोइन संघनन – एरोमैटिक एल्डिहाइड जैसे बेन्जेल्डिहाइड के दो अणु जब एथेनॉल युक्त पोटैसियम साइनाइड KCN के साथ गर्म किये जाते हैं तो संघनित होकर बेन्जोइन बनाते हैं ।इस अभिक्रिया को बेन्जोइन संघनन अभिक्रिया कहते हैं ।
Benzoin condensation
बूवो ब्लांक अभिक्रिया – एस्टर की अभिक्रिया सोडियम तथा एथेनॉल से होने पर वो अपचयित होकर प्राथमिक एल्कोहल बनाता है ।इस अभिक्रिया को बूवो ब्लांक अभिक्रिया कहते हैं ।
Bouveault Blanc Reduction
बाल्ज शिमान अभिक्रिया- बेंजीन डाइएज़ो क्लोराइड को फ्लोरो बोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया कराने पर बेंजीन डाइऐजोनियम फ्लोरो बोरेट बनता है जो गर्म करने पर फ्लोरो बेंजीन देता है ।इस अभिक्रिया को बाल्ज शिमान अभिक्रिया कहते हैं ।
Balz Schiemann Reaction
कैनिजारो अभिक्रिया- वे एल्डिहाइड जिनमे अल्फा हाइड्रोजन नहीं होते उनकी अभिक्रिया सान्द्र क्षार विलयन ( Conc. NaOH) में कराने पर उनके आधे अणु ऑक्सीकृत तथा आधे अणु अपचयित हो जाते हैं जिससे उत्पाद में एल्कोहल तथा कार्बोक्सिलिक अम्ल का लवण प्राप्त होता है । इस अभिक्रिया को कैनिजारो अभिक्रिया कहते हैं ।
Cannizzaro Reation
कार्बिल एमीन अभिक्रिया – जब एक प्राथमिक एमीन चाहे वह एलीफैटिक हो या एरोमैटिक को क्लोरोफॉर्म CHCl3 तथा एल्कोहल युक्त पोटैसियम हाइड्रोक्साइड KOH के साथ गर्म किया जाता है तो आइसोसाइनाइड (-NC) या कार्बिल एमीन बनता है जो अति दुर्गन्ध युक्त यौगिक होता है ।इस अभिक्रिया को प्राथमिक एमीन की पहचान के लिए प्रयुक्त किया जाता है ।
Carbylamine Reaction
क्लेजन संघनन- अल्फा हाइड्रोजन युक्त एस्टर के दो अणु जब प्रबल क्षार की उपस्थिति में स्व संघनन करते है तो बीटा कीटोन एस्टर बनता है। इस अभिक्रिया को क्लेजन संघनन कहते हैं ।
क्लीमेंसन अपचयन अभिक्रिया- जब एल्डिहाइड तथा कीटोन का अपचयन Zn/Hg तथा सान्द्र HCl द्वारा किया जाता है तो हाइड्रो कार्बन बनता है।इस अभिक्रिया को क्लीमेंसन अपचयन अभिक्रिया कहते हैं ।
Clemmensen reduction reaction
युग्मन अभिक्रिया- बेंजीन डाई एजोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया फिनोल अथवा एरोमैटिक एमीन से होने पर एजोयौगिक बनते हैं। ये अभिक्रिया ठन्डे विलयन में कराई जाती है।इस अभिक्रिया को युग्मन अभिक्रिया कहते हैं ।
coupling reaction
डाई एजोटीकरण अभिक्रिया- ऐनिलीन की अभिक्रिया 0-4 degree सेल्सियस ताप पर नाइट्रस अम्ल से होने पर बेंजीन डाई एजोनियम क्लोराइड लवण बनता है। इस अभिक्रिया को डाई एजोटीकरण अभिक्रिया कहते हैं ।
Diazotisation reaction
इटार्ड अभिक्रिया- टॉलुइन का ऑक्सीकरण क्रोमिल क्लोराइड से की उपस्थिति में कराने पर बेन्जेल्डिहाइड बनता है। इस अभिक्रिया को इटार्ड अभिक्रिया कहते हैं ।
Etard abhikriya
ऐस्टरीकरण अभिक्रिया- एल्कोहल की अभिक्रिया कार्बोक्सिलिक अम्ल से सांद्र की कुछ बूंदो के साह होने पर एस्टर बनता है।इस अभिक्रिया को ऐस्टरीकरण अभिक्रिया कहते हैं ।
Esterification reaction
फिटिंग अभिक्रिया- जब हेलो एरीन के दो अणु धातु सोडियम के साथ अभिक्रिया करके डाई फेनिल बनाते है। इस अभिक्रिया को फिटिंग अभिक्रिया कहते हैं ।
Fittig reaction
फ्रीडल क्राफ्ट एल्किलीकरण- बेंजीन अथवा अन्य एरोमैटिक यौगिक जब एल्किल हैलाइड के साथ निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में अभिक्रिया करते हैं तो एल्किल बेंजीन प्राप्त होता है । इस अभिक्रिया को फ्रीडल क्राफ्ट एल्किलीकरण कहते हैं ।
फ्रीडल क्राफ्ट एसिलीकरण – बेंजीन अथवा अन्य एरोमैटिक यौगिक जब एसिल हैलाइड के साथ निर्जल AlCl3 की उपस्थिति में अभिक्रिया करते हैं तो एरोमैटिक कीटोन प्राप्त होता है । इस अभिक्रिया को फ्रीडल क्राफ्ट एसिलीकरण कहते हैं ।
Friedel craft reaction
फ्राइस पुनर्विन्यास अभिक्रिया – एरिल एस्टर की अभिक्रिया जब के साथ होती है तो एरिल एस्टर में पुनर्विन्यास होता है और ऑर्थो अथवा पैरा हाइड्रोक्सी कीटोन या दोनों का मिश्रण प्राप्त होता है । इस अभिक्रिया को फ्राइस पुनर्विन्यास अभिक्रिया कहते हैं ।
fries rearrangement
गैब्रिल थैलीमाइड संश्लेषण अभिक्रिया – यह अभिक्रिया प्राथमिक एमीन बनाने के लिए प्रयोग की जाती है इस अभिक्रिया में थैलीमाइड की अभिक्रिया पहले पोटैशियम हाइड्रोक्साइड से फिर उसके बाद एल्किल हैलाइड से कराई जाती है उसके बाद प्राप्त उत्पाद का जल अपघटन करने पर प्राथमिक एमीन बनती है इस अभिक्रिया द्वारा केवल एलिफेटिक प्राथमिक एमीन बना सकते है इस अभिक्रिया द्वारा ऐनिलीन नहीं बनाई जा सकती।
Gabriel pthailimide synthesis reaction
गाटरमैन अभिक्रिया – बेंजीन डाई एजोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया कॉपर तथा हाइड्रोक्लोराइड के साथ होने पर क्लोरो बेंजीन प्राप्त होता है अथवा कॉपर तथा हाइड्रोजन ब्रोमाइड के साथ ब्रोमोबेंजीन प्राप्त होता है इस अभिक्रिया को गाटरमैन अभिक्रिया कहते हैं । इस अभिक्रिया द्वारा क्लोरो बेंजीन अथवा ब्रोमोबेंजीन बना सकते हैं यह अभिक्रिया सैंडमेयर अभिक्रिया को संसोधित करके बनायी गयी है ।
gagattermann reaction
गाटरमैन कोच अभिक्रिया – बेंजीन की अभिक्रिया जब कार्बन मोनोऑक्साइड तथा हाइड्रोक्लोराइड अम्ल के साथ निर्जल एलुमिनियम क्लोराइड की उपस्थिति में होती है तो बेन्जेल्डिहाइड बनता है । इस अभिक्रिया को गाटरमैन कोच अभिक्रिया कहते हैं।
gattermann koch reaction
हैलोफॉर्म अभिक्रिया – उन कार्बनिक यौगिकों में जिनमें मेथिल कीटोन समूह होता है या जो समूह ऑक्सीकृत होकर मेथिल कीटोन समूह बना सकते है उन यौगिकों की अभिक्रिया जब आयोडीन तथा पोटैशियम हाइड्रोक्साइड या सोडियम हाइड्रोक्साइड के साथ होती है तो आयोडोफार्म बनता है । अभिक्रिया को आयोडोफार्म अभिक्रिया या हैलोफॉर्म अभिक्रिया कहते हैं।
haloform reaction
हेल वोलार्ड जेलिंस्की अभिक्रिया – जब कार्बोक्सिलिक अम्ल की अभिक्रिया क्लोरीन अथवा ब्रोमीन से लाल फॉस्फोरस की उपस्थिति में होती है तो कार्बोक्सिलिक अम्ल का अल्फा हाइड्रोजन हैलोजन द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है जिससे अल्फा हैलो कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होता है ।इस अभिक्रिया को हेल वोलार्ड जेलिंस्की अभिक्रिया कहते हैं।
HVZ reaction
हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया – एसिड एमाइड की अभिक्रिया जब ब्रोमीन तथा पोटैशियम हाइड्रोक्साइड से कराई जाती है तो प्राथमिक अमीन प्राप्त होता है इस अभिक्रिया में एसिड एमाइड की अपेक्षा प्राथमिक एमीन में एक कार्बन कम होता है । यह अभिक्रिया किसी अधिक कार्बन श्रंखला वाले योगिक को कम कार्बन संख्या वाले योगिक में कन्वर्ट करने के लिए प्रयुक्त की जाती है । इस अभिक्रिया को हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया कहते हैं ।
hoffmann Bromamide reaction
हॉफमैन मस्टर्ड आयल अभिक्रिया – जब प्राथमिक एमीन तथा कार्बन डाईसल्फाइड और मरक्यूरिक क्लोराइड के मिश्रण को गर्म किया जाता है तो एल्किल आइसो थायोसाइनेट बनता है जिसमें सरसों के तेल जैसी विशिष्ट गंध होती है इसलिए इस अभिक्रिया को हॉफमैन मस्टर्ड आयल अभिक्रिया कहते हैं।
hoffmann musturd oil reaction
हुन्सडीकर अभिक्रिया – जब किसी कारबोक्सिलिक अम्ल के लवण को ब्रोमीन के साथ कार्बन टेट्राक्लोराइड की उपस्थिति में गर्म किया जाता है तो एल्किल हैलाइड प्राप्त होता है।अभिक्रिया को इस अभिक्रिया को हुन्सडीकर अभिक्रिया कहते हैं।
Hunsdiecker reaction
हाइड्रोबोरेशन ऑक्सीकरण अभिक्रिया – जब किसी एल्कीन की अभिक्रिया डाईबोरेन B2H6 या (BH3)2से कराई जाती है और उसके पश्चात से ऑक्सीकरण किया जाता है तो उत्पाद में एल्कोहल प्राप्त होता है । इस अभिक्रिया में प्राप्त उत्पाद मार्कोनीकॉफ नियम से प्राप्त योगात्मक उत्पाद से विपरीत होता है ।
Hydroboration Oxidation
कोल्बे विद्युत् अपघटनी विधि- जलीय घोल में कार्बोक्जिलिक एसिड के सोडियम या पोटेशियम लवण का इलेक्ट्रोलिसिस करने पर एनोड पर एल्केन बनता है।इस अभिक्रिया को कोल्बे विद्युत् अपघटनी विधि कहते हैं ।
Kolbe’s Electrolytic reaction
कोल्बे श्मिट अभिक्रिया सोडियम फिनॉक्साइड, CO के साथ 400K ताप और (6-7 atm)दाब पर सोडियम सैलिसिलेट देता हैं जिसका HCl के साथ अम्लीकरण करने पर सैलिसिलिक प्राप्त होता है।इस अभिक्रिया को कोल्बे श्मिट अभिक्रिया कहते हैं ।
Kolbe Schmidt reaction
नोवेनेगल अभिक्रिया एल्डिहाइड, कार्बनिक क्षारको की उपस्थिति में सक्रिय मेथिलीन समूह (-CH2-)वाले यौगिकों के साथ अभिक्रिया करते हैं और अल्फा बीटा असंतृप्त अम्ल बनाते हैं । इस अभिक्रिया को नोवेनेगल अभिक्रिया कहते हैं ।
Knoevenagel reaction
लिबरमैन नाइट्रोसो अभिक्रिया- स्निग्ध और सुगन्धित द्वितीयक ऐमीन दोनों नाइट्रस अम्ल (NaNO2+ dil HCl) से क्रिया करके नाइट्रोसोएमीन देते हैं।जो आमतौर पर पीले तैलीय यौगिक होते हैं और खनिज अम्ल में अघुलनशील होते हैं।इस अभिक्रिया को लिबरमैन नाइट्रोसो अभिक्रिया कहते हैं ।
Liberman Nitroso reaction
लेडरर-मनासे अभिक्रिया- फिनोल o- और p- स्थितियों में स्निग्ध या सुगंधित एल्डिहाइड के साथ संघनित होता है। उदाहरण के लिए, फिनोल, p-हाइड्रॉक्सी बेंजिल एलकोहल बनाने के लिए कम तापमान पर फॉर्मेलिन (40% जलीय फोर्मेल्डिहाइड) के साथ संघनन से गुजरता है । इस अभिक्रिया को लेडरर-मनासे अभिक्रिया कहते हैं ।
Lederer Manasse reaction
मेंडियस अभिक्रिया ऐल्किल या ऐरिल साइनाइड, सोडियम अमलगम(Na-Hg) और एल्कोहल द्वारा उत्पादित नवजात हाइड्रोजन की क्रिया द्वारा प्राथमिक अमीन में अपचित हो जाता है। इस अभिक्रिया को मेंडियस अभिक्रिया कहते हैं।
Mendius Reaction
ऑक्सीमरक्यूरेशन डिमर्क्यूरेशन अभिक्रिया एल्कीन , मर्क्यूरिक एसीटेट Hg(CH3COO)2 के साथ अभिक्रिया करके (हाइड्रॉक्सीऐल्किल) मर्करी यौगिक देता है, जिसमें एल्कीन के द्विक बन्ध में -OH और -HgCH3COO का योग होता है है। इसे ऑक्सीमरक्यूरेशन कहते हैं। फिर NaBH4, -HgCH3COO को अपचयित करता है और हाइड्रोजन से प्रतिस्थापित करता है। यह डिमर्क्यूरेशन है। इस अभिक्रिया का उत्पाद एक एल्कोहल हैं जो एल्कीन में जल के मार्कोनिकोफ़ योग के समान होता हैं इस अभिक्रिया को ऑक्सीमरक्यूरेशन डिमर्क्यूरेशन अभिक्रिया कहते हैं ।
Oxymercuration Demercuration reaction
सबेटियर सेंडर्न अभिक्रिया 473-573 K . पर उत्प्रेरक के रूप में रैने निकिल की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हाइड्रोजन के साथ संतृप्त हाइड्रोकार्बन में अपचयित हो जाते हैं । इस अभिक्रिया को सबेटियर सेंडर्न अभिक्रिया कहते हैं ।
Sebatier Senderens reaction
शोटेन बाउमन अभिक्रिया फिनॉल अथवा प्राथमिक या द्वितीयक एमीन की अभिक्रिया बेंज़ोइल क्लोराइड के साथ कराने पर बेज़ोइलीकरण होता है अर्थात फिनॉल से या एमीन से बेंज़ोइल समूह जुड़ जाता है तथा HCl का अणु बाहर निकलता है । इस अभिक्रिया को शोटेन बाउमन अभिक्रिया कहते हैं ।
Schotten Baumann reaction
वुल्फ-किशनर अभिक्रिया एल्डिहाइड या कीटोन को हाइड्राजीन (NH2-NH2)और KOH के मिश्रण के साथ एथिलीन ग्लाइकोल की उपस्थिति में गर्म करने पर एल्केन प्राप्त होता हैं । इस अभिक्रिया को वुल्फ-किशनर अभिक्रिया कहते हैं ।
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रेडियोधर्मिता की खोज किसने की थी - हेनरी बैक्वेरेल
रेडियो सक्रियता किसका गुण है - नाभिक का
रेडियोसक्रिय परिवर्तन में भाग लेता है - परमाणु का नाभिक
किसी परमाणु के अस्थाई नाभिक में प्रोटॉन की संख्या होती है - न्यूट्रॉनो की संख्या से कम
रेडियोधर्मिता का यूनिट क्या है - क्यूरी
रेडियोधर्मी तत्व किसका उत्सर्जन करते हैं - अल्फा बीटा गामा विकरण का
अल्फा और बीटा किरणों की खोज किसने की - रदरफोर्ड
किस वैज्ञानिक ने गामा किरणों की खोज की - रदरफोर्ड
नाभिक से निकलने वाले विकरणो में किसकी वेधन क्षमता सर्वाधिक होती है - गामा किरणों की
अल्फा किरणे है - He++ आयन
अल्फा कणों पर उपस्थित आवेश है - दो इकाई धन आवेश
बीटा किरणें बनी होती है - ऋण आवेशित कणों से
किसके उत्सर्जन से समभारिक का निर्माण होता है - बीटा किरण के
किसके उत्सर्जन से किसी तत्व का परमाणु क्रमांक एक बढ़ता है - बीटा कण
किस किरण में ऋणआत्मक आवेश होती है - बीटा किरण
इलेक्ट्रॉन का समरूप कौन है - बीटा कण
बीटा किरणें किस प्रकार का आवेश वहन करता है - ऋणआत्मक
गामा किरणें किससे बनी होती है - विद्युत चुंबकीय तरंगों से
गामा किरणें क्या होती है - रेडियो सक्रिय पदार्थों द्वारा उत्सर्जित उच्च ऊर्जा युक्त किरणे
किस किरण की वेधन क्षमता सबसे अधिक होती है - गामा किरणों की
किस किरण की आयनन क्षमता सबसे कम होती है - गामा किरणों की
किस किरण की आयनन क्षमता सबसे अधिक होती है - अल्फा किरणों की
समस्त रेडियो सक्रिय पदार्थ क्षय होने के पश्चात किसमें अंतिम रूप से बदल जाते हैं - सीसा
न्यूनतम पारगम्या में शक्ति किरण कौन सी है - अल्फा किरण
किस रेडियो एक्टिव तत्व का नाम उसके खोजकर्ता के देश के नाम पर रखा गया है - पोलोनियम
कौन सा तत्व प्राकृतिक रेडियो सक्रियता नहीं दर्शाता - एल्युमीनियम
रेडियोधर्मी वस्तुओं को किससे बने पात्र में रखना चाहिए - Pb
एक बीटा कण के उत्सर्जन से परमाणु संख्या तथा परमाणु द्रव्यमान में क्या परिवर्तन होता है - परमाणु क्रमांक में एक की वृद्धि व परमाणु द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है
एक अल्फा कण के उत्सर्जन से परमाणु क्रमांक और परमाणु द्रव्यमान में क्या परिवर्तन होता है - परमाणु क्रमांक में दो तथा परमाणु द्रव्यमान चार की कमी
पृथ्वी की आयु का आकलन किया जाता है - यूरेनियम डेटिंग से
रेडियो कार्बन काल निर्धारण किसकी आयु का आकलन करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है - जीवाश्म
सबसे पहले रेडियोसक्रियता शब्द का प्रयोग किसने किया - हेनरी बैक्वेरेल
यूरेनियम विखंडन की सतत प्रक्रिया को जारी रखने के लिए किस कोण की जरूरत होती है - न्यूट्रॉन
परमाणु बम का आविष्कार किसने किया था - ऑटो हान
परमाणु शक्ति संयंत्र किस सिद्धांत पर काम करता है - विखंडन पर
किस प्रकार की अभिक्रिया से सबसे अधिक हानिकारक विकिरण पैदा होता है - विखंडन अभिक्रिया
रेडियोधर्मिता नापी जाती है - गिगर मूलर काउंटर
हाइड्रोजन बम किस सिद्धांत पर कार्य करता है - अनियंत्रित संलयन अभिक्रिया
हाइड्रोजन बम विकसित किया गया था - एडवर्ड टेलर द्वारा
रेडियोधर्मी पदार्थ में किस दौरान कोई परिवर्तन नहीं होता - गामा उत्सर्जन में